आनन्दधारा आध्यात्मिक मंच एवं वार्षिक पत्रिका

सर्वे भवन्तु सुखिन: सर्वे सन्तु निरामया:, सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद्द:खभाग्भवेत्


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sadhak ka kartavya

“गुरु शरण” कुकर्मों के फल की तीव्रता और आघात के संवेग को नियंत्रित अवश्य करता है किन्तु खत्म नहीं करता । अतएव जाने-अनजाने बुरे कर्मों से बचने के लिए सतत् प्रयत्न करते रहना ही साधकों का कर्तव्य होना चाहिये – डा॰ शंकरानन्द मिश्र “शास्त्री”

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GuruDev with Dr. Shankarananda Mishra

We visited Dr. Shankarananda Mishra (Pachaina Bazar, koelwar, Ara, Patna) on 15th August 2009. We got blessing from the very great Maa Bhakta and also personal blessing for our Spiritual Magzine “AnandDhara” which is platform for all spirituals.

GuruDev with Dr. Shankarananda Mishra [great Maa Bhakta]