आनन्दधारा आध्यात्मिक मंच एवं वार्षिक पत्रिका

सर्वे भवन्तु सुखिन: सर्वे सन्तु निरामया:, सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद्द:खभाग्भवेत्

नाड़ियों का संशोधन

योगशास्त्र में करेले के रस के सेवन  नाड़ियों के संशोधन में महत्व रखता है!  महत्वपूर्ण नाड़ियों में ईड़ा, पिंगला व सुषुम्ना का प्रमुख हैं! इसके अलावा काफी दूसरे महत्वपूर्ण नाड़ियाँ भी हैं!

अत: करेले के रस के सेवन से इन नाड़ियों में आ रहे अवरोधों का सफाया हो जाता है!

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