आनन्दधारा आध्यात्मिक मंच एवं वार्षिक पत्रिका

सर्वे भवन्तु सुखिन: सर्वे सन्तु निरामया:, सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद्द:खभाग्भवेत्

वज्रासन सह भेकासन

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वज्रासन सह भेकासन

वज्रासन सह भेकासन

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One thought on “वज्रासन सह भेकासन

  1. किया आप की कुंडली जंग्रित है श्रीमान ?

    यदि हा तो इसके बारे में पूर्ण जानकारी मुझे ईमेल से भेजे दे.
    और
    यदि नहीं तो किया कारण है की कुंडली जागृत ना होने का .