आनन्दधारा आध्यात्मिक मंच एवं वार्षिक पत्रिका

सर्वे भवन्तु सुखिन: सर्वे सन्तु निरामया:, सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद्द:खभाग्भवेत्

Khot agar rah jayegi sansar mein le aayegi

खोट अगर रह जायेगी संसार में ले जायेगी

खोट अगर रह जायेगी संसार में ले जायेगी

Advertisements

Comments are closed.