आनन्दधारा आध्यात्मिक मंच एवं वार्षिक पत्रिका

सर्वे भवन्तु सुखिन: सर्वे सन्तु निरामया:, सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद्द:खभाग्भवेत्

हे मैया चरणों में देखा चारो धाम

अमरनाथजी, माँ अखंड़वासिनी मंदिर, गोलघर पार्क रोड़, पटना

हे मैया चरणों में देखा चारो धाम

शशिमुख शीतल स्वरुप धरा पर देती हो  विश्राम
हे दुर्गे प्रतिपल का प्रणाम
हे मैया  चरणों में देखा चारो धाम

दसविद्या और नवदुर्गा भी शारदा तेरो नाम
हे दुर्गे प्रतिक्षण का प्रणाम
हे मैया  चरणों में देखा चारो धाम

तू ही काली तू ही दुर्गा वैष्णवी तेरा ही नाम
हे माते प्रात: का प्रणाम हे मैया  चरणों में देखा चारो धाम
हे मैया बारम्बार प्रणाम

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