आनन्दधारा आध्यात्मिक मंच एवं वार्षिक पत्रिका

सर्वे भवन्तु सुखिन: सर्वे सन्तु निरामया:, सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद्द:खभाग्भवेत्

Sadhna with complete dedication

साधक पूरे मनोयोग से अपनी साधना करते रहें

गुरुसत्ता अपनी समग्रता से साधक का पथ-प्रदर्शन करते हैं

समय के साथ साधक अपने लक्ष्य को पूर्णत: प्राप्त कर  आगे बढ़ते रहें

मार्गदर्शक सत्ता आपका सदैव पथ-प्रदर्शन करते रहेंगे

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