आनन्दधारा आध्यात्मिक मंच एवं वार्षिक पत्रिका

सर्वे भवन्तु सुखिन: सर्वे सन्तु निरामया:, सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद्द:खभाग्भवेत्

advait ka siddhant

जो द्वेष का बीज मनुष्य में बोते हैं वे भी कभी खड़े नहीं रह सकते – यह भी एक ईश्वरीय नियम है। धार्मिक सम्प्रदाय वाले ईसाई, मुसलमान, हिन्दु, आर्य आदि धर्म ने ईश्वर के नाम से सम्प्रदाय बनाकर स्वार्थवश एक दुसरे को गिराने के लिये द्वेष फैलाकर मनुष्यों को सत्यपथ से बहुत हीं दूर रखा है। उन्हें एकत्व के सिद्धांत को समझना होगा – दतिया स्वामी

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