आनन्दधारा आध्यात्मिक मंच एवं वार्षिक पत्रिका

सर्वे भवन्तु सुखिन: सर्वे सन्तु निरामया:, सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद्द:खभाग्भवेत्

गुरुदेव श्री अखिलानन्दजी

गुरुदेव श्री अखिलानन्दजी

गुरुदेव श्री अखिलानन्दजी

हे अखिलानन्द ! ‘गीता’ का चोला पहनकर आना

निष्फल नीरस शुष्क जीवन में
धारा ईश प्रेम की बहाना
माधुर्य, कांति और ओज देने
हे अखिलानन्द ! ‘गीता’ का चोला पहन कर आना ||१||

भाव-पक्ष के तीखे मोड़ों से
मन जब भी घबराये
प्रभु डगर दिखनी बन्द हो
भव-बन्धन प्रेत डराये

चुपके-चुपके रोज मुझे बहलाना
हे अखिलानन्द ! ‘गीता’ का चोला पहन कर आना ||२||

कर्म के भयंकर झंझावात में
सहमा-सिकुड़ा जब रोऊँ
शान्त चरण हो उपलब्ध मुझे
तेरे चरण अहं से धोऊँ

पारलौकिक जीवन का ककहरा मुझे सीखाना
हे अखिलानन्द ! ‘गीता’ का चोला पहन कर आना ||३||

कलश प्रेम का रहे भरा निरन्तर
न रहे मायूसी और हताशा
निर्धन-धनी का खत्म हो अन्तर
बसे दिलों में सर्वत्र भक्तिपूर्ण आशा

ब्रह्म दर्शन के विकल्प सभी जुटाना
हे अखिलानन्द ! ‘गीता’ का चोला पहन कर आना ||४||

क्षुद्र सोचों से क्षुब्ध अकिंचन
माँगे भला क्या और
उदार हृदय की डोली मेरी पाये
तेरे अलौकिक द्वार पर ठौर

समाधि-सुख में मुझे न भुलाना
हे अखिलानन्द ! ‘गीता’ का चोला पहन कर आना ||५||


अखिलानन्द चरण को हृदय में करूँ मैं धारण !

समस्त विकल्पों का हो शीघ्र निवारण
अखिलानन्द चरण को हृदय में करूँ मैं धारण !

काम नदी में विश्वास पादुका ले
चलूँ थल सा जल में
क्रोध मंजीरा बजे हाथों में
ईश विरह महसूसूँ हर पल में

ईर्ष्या पक्वान्न से करूँ ईश-कृपा का पारण
अखिलानन्द चरण को हृदय में करूँ मैं धारण !

लोभ-सर्प को गले में लिपटाकर
मोह-गठरी प्रभु छवि में भुलाकर
मद की बारिश में नित्य नहाकर
अहंकार को परम ज्योति में समाकर

आत्म प्रचार का हो त्याग अकारण
अखिलानन्द चरण को हृदय में करूँ मैं धारण !

भक्ति भाव से स्वयं भर कर
मानवता की कुछ सीढ़ियाँ चढ़ कर
जन-जन का तम-कलुष हर कर
उपकार का अहंकार बिसर कर

स्व भाव की प्रतिष्ठा का विस्तारण
अखिलानन्द चरण को हृदय में करूँ मैं धारण !

Here is little detail about GuruDev Sri Sri Akilanadji

  • Sri sri Akhilanandji is one of the Guru from guru satta.

  • He is one who is in-charge of handling anandDhara mission and vision.

  • He is completely dedicated to AnandDhara .

  • He is several thousand years old.

  • His color is milky white.

  • There is lotus visible in his navel. This is only portion of body having black color.

  • He holds kamandal in his right hand.

  • There is dand in his left hand.

  • His foot is very long around 12 inches and height around 13-15 feet.

  • His body is very soft and shining.

  • His hair is completely black & straight and coming to the feet.

Note: Sketch have been drawn by Mr. Amar soni, Art Advisor & Illustrator from Jhansi.

see complte picture of GuruDev

निष्फल नीरस शुष्क जीवन में
धारा ईश प्रेम की बहाना
माधुर्य, कांति और ओज देने
हे अखिलानन्द ! ‘गीता’ का चोला पहन कर आना ||१||भाव-पक्ष के तीखे मोड़ों से
मन जब भी घबराये
प्रभु डगर दिखनी बन्द हो
भव-बन्धन प्रेत डरायेचुपके-चुपके रोज मुझे बहलाना
हे अखिलानन्द ! ‘गीता’ का चोला पहन कर आना ||२||कर्म के भयंकर झंझावात में
सहमा-सिकुड़ा जब रोऊँ
शान्त चरण हो उपलब्ध मुझे
तेरे चरण अहं से धोऊँपारलौकिक जीवन का ककहरा मुझे सीखाना
हे अखिलानन्द ! ‘गीता’ का चोला पहन कर आना ||३||कलश प्रेम का रहे भरा निरन्तर
न रहे मायूसी और हताशा
निर्धन-धनी का खत्म हो अन्तर
बसे दिलों में सर्वत्र भक्तिपूर्ण आशाब्रह्म दर्शन के विकल्प सभी जुटाना
हे अखिलानन्द ! ‘गीता’ का चोला पहन कर आना ||४||क्षुद्र सोचों से क्षुब्ध अकिंचन
माँगे भला क्या और
उदार हृदय की डोली मेरी पाये
तेरे अलौकिक द्वार पर ठौरसमाधि-सुख में मुझे न भुलाना
हे अखिलानन्द ! ‘गीता’ का चोला पहन कर आना ||५||
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