आनन्दधारा आध्यात्मिक मंच एवं वार्षिक पत्रिका

सर्वे भवन्तु सुखिन: सर्वे सन्तु निरामया:, सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद्द:खभाग्भवेत्

Ten fingers – ten mahavidya

हर मनुष्य के हाथ की दस अंगुलियाँ दस महाविद्या के प्रतीक हैं – रोहिनीपति सिंह ‘व्योमेश’

das-mahvidya-rahasya

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