Tag Archive: Anand Dhara
जो द्वेष का बीज मनुष्य में बोते हैं वे भी कभी खड़े नहीं रह सकते – यह भी एक ईश्वरीय नियम है। धार्मिक सम्प्रदाय वाले ईसाई, मुसलमान, हिन्दु, आर्य आदि धर्म ने ईश्वर के नाम से सम्प्रदाय बनाकर स्वार्थवश एक दुसरे को गिराने के लिये द्वेष फैलाकर मनुष्यों को सत्यपथ से बहुत हीं दूर रखा है। उन्हें एकत्व के सिद्धांत को समझना होगा – दतिया स्वामी
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This is one of the most precious and precise explanation on gita by Sri Gyaneswarji.
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book code : 1796
Book Name : श्रीज्ञानेश्वरी








