Category: Spiritual
अनेक लोगों को नयी और बेहतर दुनिया बनाने की तीव्र इच्छा होती है! ऐसे विषयों पर विचार करते बैठने से अच्छा है कि “उस” पर पर अपने मन को एकाग्र करें, जिसका चिंतन करने से पूर्ण शान्ति की प्राप्ति हो सकती है! ईश्वर को या सत्य को प्राप्त करने का प्रयास करना मनुष्य का अहम कर्त्तव्य है – आनन्दमयी माँ
हमें आत्मा की प्राप्ति नहीं करनी है, वह तो हमारा प्रकृत रुप ही है – स्वामी विवेकानन्द ( देववाणी)
जो करने की ईच्छा हो वह मत करो, तब तुम जो चाहोगे वह कर सकोगे – सदाशिव
ईश्वर हमारे जीवन के हर पल में सुगन्ध बिखेर दें! हमारा जीवन उपवन की भाँति खिलखिला उठे! हमारा हाथ ईश्वर की हाथ में हो! चाहकर भी कोई इसे छुडा न सके! आनन्द के सागर में नित-दिन डूबकी लगे! सब धन्य हो जाये!













