अगर आप स्व में स्थित होना चाहते हैं, ईश्वर पाना चाहते हैं, स्व-साक्षात्कार होना चाहते हैं, अनायास कुम्भक करें
जब भी कोई काम करते हैं तन्मय होकर, बोलते हैं धाराप्रवाह, कुम्भक की स्थिति आती है, कुछ समय ले लिये साँस का चलना बन्द हो जाता है, बस यही अनायास कुम्भक है
आप बस जब यह होता है, यह भाव रखें, याद रखें, मन में यह सन्देश भेजें की कुम्भक की स्थिति बन रही है
इस स्थिति में कुछ घन्टों, या कुछ दिनों के अभ्यास आप को कुम्भक की सहज स्थिति में लाकर रख देगा
आप बस स्वयं में केन्द्रित होते चले जायेंगे और वह होगा जो जीवन को अपने लक्ष्य तक लाकर रख देगा
बस आप अपने कुम्भक के होने समय स्वयं पर, होने पर केन्द्रति रहें









