चलते रहो, चलते रहो…

चलते रहने वाले का सौभाग्य चल पड़ता है

चलता हुआ मनुष्य ही मधु पाता है

इसलिये चलते रहो, चलते रहो…

( ऐतरेय ब्राह्मण में इन्द्र एवं रोहिताश्व के बीच संवाद का सारांश)